हर किसी के जीवन में कोई ऐसा पल आता है, जब हमें लगता है –
अब कोई रास्ता नहीं बचा।
कोई भी मदद करने वाला नहीं है।
तब हम एक नाम पुकारते हैं –
श्री हनुमान जी।
जब मैं खुद जीवन की कठिनाइयों में घिरा था,
तब किसी ने कहा था –
“सुंदरकांड का पाठ करो, हनुमान जी स्वयं राह बनाएंगे।”
मैंने तब शायद पहली बार पूरे मन से सुंदरकांड का पाठ किया।
आज मैं कह सकता हूं –
वो पाठ मेरे जीवन का turning point बन गया।
🌿 सुंदरकांड – संकटों को हरने वाली कथा
रामकथा का वह हिस्सा,
जहां हनुमान जी अपनी भक्ति, साहस और अपार शक्ति से
लंका को पार करते हैं,
रावण की लंका में माता सीता का पता लगाते हैं,
राक्षसों के आतंक को ललकारते हैं –
वही सुंदरकांड हर पाठ में हमें भी शक्ति प्रदान करता है।
शास्त्रों में कहा गया है –
✅ सुंदरकांड के पाठ से पितृदोष दूर होते हैं।
✅ ग्रहों के दुष्प्रभाव खत्म होते हैं।
✅ शत्रु भय समाप्त होता है।
✅ मन में निर्भीकता का संचार होता है।
✅ रोग, कर्ज और पारिवारिक क्लेश कम होने लगते हैं।
यह कोई कोरी मान्यता नहीं –
अनुभव से सिद्ध है।
🌸 1000 पाठ – क्यों लिया इतना बड़ा संकल्प?
कई लोग पूछते हैं –
“पंडित जी, इतनी बार क्यों पढ़ना?”
क्योंकि अगर एक दीप जलाकर कुछ अंधेरा दूर होता है,
तो हजार दीप जलाने से पूरी रात रोशन हो जाती है।
मेरा यह संकल्प है कि
हर घर में यह उजाला पहुंचे।
हर परिवार को संकट से मुक्ति का मार्ग मिले।
🌿 अनुष्ठान कैसे होगा?
🌸 हर दिन शुद्ध वातावरण में सुंदरकांड पाठ।
🌸 विशेष मंत्रोच्चार, हवन, दीपदान और नैवेद्य अर्पण।
🌸 सभी दानदाताओं का नाम संकल्प में शामिल।
🌸 प्रत्येक पाठ के बाद आशीर्वाद प्रार्थना।
🌸 अनुष्ठान की पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण।
यह किसी एक दिन का काम नहीं,
यह महीनों तक चलने वाला अखंड पुण्य यज्ञ है।
🌼 क्यों मांग रहा हूं सहयोग?
मुझे पता है – कुछ लोग सोचते होंगे,
“दान क्यों चाहिए?”
मैं बिल्कुल साफ कहूंगा –
यह आयोजन मेरे अकेले के सामर्थ्य से बड़ा है।
सामग्री, दीप, हवन, नैवेद्य, फूल, स्थान, पंडितों का मानधन –
सबका खर्च है।
यह आयोजन साझी आस्था और सहभागिता से ही पूरा होगा।
🌸 दान का महत्व – पुण्य ही पुण्य
दान करना कोई लेन-देन नहीं,
यह आत्मिक यात्रा में सहभागिता है।
शास्त्रों में कहा गया है –
“दानेन धनं वर्धते।”
दान से धन घटता नहीं –
सदैव बढ़ता है।
और सबसे बढ़कर –
दान से आपके परिवार पर संकटमोचन की असीम कृपा होती है।
🌿 दान कैसे करें?
🌿 वेबसाइट पर जाएं –
👉 https://merikali.com/
🌿 “Donation” बटन पर क्लिक करें।
🌿 अपनी श्रद्धा अनुसार राशि व विवरण भरें।
🌿 भुगतान कर दें।
बस इतना –
और आपका नाम अनुष्ठान में पवित्र रूप से शामिल हो जाएगा।
आप चाहे ₹51 दें या ₹5100 –
राशि से अधिक महत्वपूर्ण आपकी भावना है।
🌼 दान से क्या मिलेगा?
✅ हर पाठ में आपका नाम लिया जाएगा।
✅ आपकी मनोकामना का उच्चारण होगा।
✅ अनुष्ठान के उपरांत प्रमाणपत्र मिलेगा।
✅ प्रसाद और धन्यवाद संदेश भेजा जाएगा।
यदि आप चाहें,
दान अपने माता-पिता, दादा-दादी, किसी प्रिय व्यक्ति या अपने परिवार के नाम से भी कर सकते हैं।
🌸 अगर आपकी कोई विशेष कामना हो…
🔹 संतान प्राप्ति की इच्छा।
🔹 विवाह में आ रही बाधा।
🔹 रोग-मुक्ति की कामना।
🔹 कर्ज से मुक्ति।
🔹 नौकरी या कारोबार में सफलता।
तो कृपया दान करते समय उल्लेख अवश्य करें।
मैं विशेष प्रार्थना में उसका संकल्प करूंगा।
🌿 सत्य अनुभव – एक छोटी कहानी
पिछले वर्ष एक भाई साहब ने ₹201 का दान किया।
उनकी मां कैंसर से पीड़ित थीं।
सुंदरकांड पाठ में उनका नाम संकल्प में लिया गया।
पाठ पूर्ण होते ही उन्हें राहत मिलने लगी।
वह आज भी कहते हैं –
“पंडित जी, यह कोई संयोग नहीं था,
यह संकटमोचन की कृपा थी।”
🌸 अंतिम निवेदन – इसे कल पर मत टालिए
कभी-कभी कोई अवसर बार-बार नहीं आता।
शायद यह लेख पढ़ना भी संयोग नहीं –
कोई संकेत हो।
कृपया आज ही हाथ बढ़ाइए।
आपका छोटा-सा सहयोग
किसी अनजान परिवार की तकलीफ मिटा सकता है।
🌿 दान का लिंक – अभी क्लिक करें
🌼 आपके सहयोग का महत्व
यह अनुष्ठान किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं –
यह हम सभी की आस्था का पर्व है।
हर पाठ एक दीपक बनेगा,
हर दान एक आशीर्वाद बनेगा।
आज आप सहयोग करेंगे –
कल यही शक्ति आपके जीवन में संकट दूर करेगी।
🙏 जय श्रीराम | जय संकटमोचन | आपकी मनोकामनाएं पूरी हों।
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