हर इंसान की जिंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं, जब सारी उम्मीदें कमजोर पड़ने लगती हैं।
कभी बीमारी हमें घेर लेती है,
कभी आर्थिक तंगी हमें तोड़ देती है,
कभी रिश्तों की उलझन मन को अशांत कर देती है।
लेकिन एक शक्ति ऐसी है,
जो हर संकट में ढाल बनकर खड़ी रहती है –
श्री हनुमान जी।
आज मैं अपने हृदय की सच्ची भावना लेकर आपके सामने उपस्थित हूं।
मैंने जीवन के हर उतार-चढ़ाव में अनुभव किया है कि
जब सारे दरवाजे बंद हो जाते हैं,
हनुमान जी का दरवाजा हमेशा खुला रहता है।
यही कारण है कि मैं उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने के लिए,
आप सभी की सुख-शांति की कामना के लिए,
1000 सुंदरकांड पाठ का महा अनुष्ठान करने जा रहा हूं।
🌿 सुंदरकांड का अनुपम प्रभाव
रामचरितमानस का सुंदरकांड एक अद्भुत कथा है –
जहां वीर बजरंगबली अपनी अपार भक्ति और पराक्रम से
लंका को लांघते हैं,
रावण की कैद में माता सीता को ढांढस बंधाते हैं,
राक्षसों के दंभ को चूर करते हैं।
सदियों से यह मान्यता है –
✅ सुंदरकांड का पाठ रोग-दोष को नष्ट करता है।
✅ ग्रह बाधाओं को शांत करता है।
✅ पारिवारिक कलह कम करता है।
✅ शत्रु भय मिटाता है।
✅ मन में साहस और शांति का संचार करता है।
यह सिर्फ शब्दों का संकलन नहीं –
यह संकटमोचन का आह्वान है।
🌸 1000 पाठ – क्यों लिया इतना बड़ा संकल्प?
कई लोग पूछते हैं –
“पंडित जी, एक बार पढ़ना काफी नहीं?”
मैं हमेशा कहता हूं –
“अगर एक दीपक से कमरे का कोना रोशन होता है,
तो हजार दीपक से हर कोना प्रकाशमय हो जाता है।”
1000 सुंदरकांड पाठ से ऐसा दिव्य वातावरण बनता है,
जो वर्षों से चले आ रहे संकटों का नाश कर देता है।
मैं चाहता हूं यह अद्भुत शक्ति हर घर में पहुंचे,
हर व्यक्ति का जीवन सुख-शांति से भर जाए।
🌿 यह अनुष्ठान कैसे होगा?
🌸 प्रतिदिन शुद्ध वातावरण में सुंदरकांड पाठ होगा।
🌸 दीपक, धूप, नैवेद्य, पुष्प और मंत्रोच्चार के साथ विशेष अनुष्ठान।
🌸 हर दानदाता का नाम संकल्प में बोला जाएगा।
🌸 प्रत्येक पाठ में आशीर्वाद प्रार्थना की जाएगी।
🌸 अनुष्ठान पूर्ण होने पर महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।
यह कोई साधारण आयोजन नहीं,
महीनों तक चलने वाला अखंड पुण्य अनुष्ठान है।
🌼 सहयोग क्यों जरूरी है?
मैं जानता हूं – कुछ लोग सोच सकते हैं,
“पाठ तो कर लो, इसमें दान क्यों?”
सच्चाई यही है –
इतने व्यापक आयोजन में अनेक व्यवस्थाएं होती हैं –
🌿 शुद्ध घी, दीपक, पुष्प, नैवेद्य, वस्त्र।
🌿 हवन सामग्री, पंडितों का मानधन।
🌿 प्रसाद, भंडारा और स्थान की सजावट।
यह सब अकेले करना मेरे लिए संभव नहीं।
आपके सहयोग से ही यह पुण्य कार्य संपूर्ण होगा।
🌿 दान का महत्व – पुण्य की अविरल धारा
शास्त्रों में कहा गया है –
“दानेन तपसा चैव पुण्यं वर्धते मानव।”
दान और तप से ही जीवन में पुण्य बढ़ता है।
आपका छोटा सा दान किसी के लिए संकट से उबरने का माध्यम बन सकता है।
कई बार हम सोचते हैं –
“मेरा दिया हुआ क्या फर्क डालेगा?”
लेकिन जब लाखों बूँदें मिलती हैं,
तभी समुद्र बनता है।
🌸 दान कैसे करें?
🌿 वेबसाइट पर जाएं –
👉 https://merikali.com/
🌿 “Donation” बटन पर क्लिक करें।
🌿 अपनी श्रद्धा अनुसार राशि और विवरण भरें।
🌿 सुरक्षित भुगतान करें।
आप चाहे ₹51 दें या ₹5100 –
राशि नहीं, भावना सर्वोपरि है।
🌼 दान करने पर क्या मिलेगा?
✅ हर पाठ में आपका नाम संकल्प में लिया जाएगा।
✅ आपकी मनोकामना का उच्चारण होगा।
✅ अनुष्ठान के पश्चात प्रमाणपत्र मिलेगा।
✅ महाप्रसाद और आशीर्वाद संदेश भेजा जाएगा।
आप अपने माता-पिता, पूर्वजों या परिवार के नाम से भी दान कर सकते हैं।
🌿 विशेष कामना हो तो बताइए
अगर आप किसी विशेष कामना के लिए सहयोग करना चाहते हैं –
🔹 संतान प्राप्ति।
🔹 विवाह की बाधा निवारण।
🔹 रोग-मुक्ति।
🔹 कर्ज मुक्ति।
🔹 व्यवसाय में उन्नति।
तो कृपया दान करते समय उल्लेख करें।
मैं संकल्प में उसका विशेष उच्चारण करूंगा।
🌸 साक्षी अनुभव – एक सच्ची कथा
पिछले वर्ष एक वृद्धा ने ₹101 का सहयोग किया था।
उनका पोता कई साल से बीमार था।
उन्होंने आस्था से कहा –
“पंडित जी, सुंदरकांड में उसका नाम जरूर लेना।”
अनुष्ठान के अंतिम चरण में उन्होंने फोन किया –
“मेरे पोते की तबियत में सुधार है।
यह हनुमान जी की कृपा है।”
यह कोई चमत्कार नहीं –
सच्ची आस्था का प्रताप है।
🌼 अंतिम निवेदन – इसे कल पर मत टालिए
प्रियजनों,
कभी-कभी यह लेख पढ़ना भी संयोग नहीं होता।
शायद यह संकटमोचन की प्रेरणा हो।
आज ही हाथ बढ़ाइए।
आपका सहयोग किसी अनजान परिवार की पीड़ा को दूर कर सकता है।
🌿 दान का लिंक – अभी क्लिक करें
🌸 आपका योगदान – पुण्य का दीपक
यह आयोजन किसी एक के लिए नहीं,
हर श्रद्धावान आत्मा के लिए है।
हर पाठ एक दीपक होगा,
हर दान एक आशीर्वाद होगा।
हर मनोकामना संकटमोचन के चरणों तक जाएगी।
कृपया आज ही सहभागी बनें –
क्योंकि पुण्य का अवसर बार-बार नहीं आता।
🙏 जय श्रीराम | जय हनुमान | आपकी हर इच्छा पूर्ण हो।
No comments: