संकटमोचन की अपार कृपा पाने का सुअवसर

 हमारा जीवन कई बार ऐसे मोड़ों पर पहुंच जाता है, जहां हर दिशा में बस संघर्ष ही संघर्ष दिखाई देता है। कोई असाध्य रोग से लड़ रहा होता है, कोई कर्ज के बोझ से दबा होता है, कोई संतान सुख के लिए तरस रहा होता है, तो किसी के घर में कलह और अशांति का डेरा होता है। इन कठिनाइयों में एक शक्ति है, जो हमेशा हमारा साथ देती है – संकटमोचन श्री हनुमान जी।

कभी गौर कीजिए – जब भी मन में डर या निराशा घर कर जाती है, अनायास ही हम “हनुमान चालीसा” या “सुंदरकांड” का पाठ करने लगते हैं। यह कोई संयोग नहीं है। यह हमारी आत्मा की पुकार है – उस परम बलवान, करुणामयी हनुमान जी के प्रति, जो हर संकट को तिनके के समान हल्का कर देते हैं।

इसी श्रद्धा के भाव से मैंने एक बड़ा संकल्प लिया है – 1000 सुंदरकांड पाठ का अखंड अनुष्ठान। यह आयोजन किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि आप सभी की भलाई और कल्याण के लिए समर्पित है। मेरी इच्छा है कि इस पुण्य अनुष्ठान के माध्यम से हर परिवार में सुख, स्वास्थ्य और शांति का दीप प्रज्वलित हो।

🌿 सुंदरकांड – रामभक्ति और पराक्रम की जीवंत कथा

रामचरितमानस के सुंदरकांड में बजरंगबली का अनुपम पराक्रम वर्णित है। जब कोई भी हिम्मत नहीं जुटा पाया, तब अकेले हनुमान जी ने समुद्र लांघा। माता सीता को ढांढस बंधाया, रावण के अहंकार को ललकारा और लंका में रामनाम का ध्वज फहरा दिया। यह प्रसंग न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि साहस, निडरता और परम विश्वास का भी उदाहरण है।

यही कारण है कि शास्त्रों और पुराणों में कहा गया है –
✅ सुंदरकांड के पाठ से ग्रहबाधा शांत होती है।
✅ असाध्य रोगों में मनोबल और स्वास्थ्य सुधरता है।
✅ शत्रु भय और अदृश्य बाधाओं का अंत होता है।
✅ परिवार में समृद्धि और आनंद का संचार होता है।
✅ मन को अद्भुत शांति और साहस प्राप्त होता है।

यह मात्र कथाओं में वर्णित बातें नहीं हैं, बल्कि अनगिनत भक्तों के अनुभव से सिद्ध हो चुकी सच्चाई है।

🌸 1000 पाठ का संकल्प – क्यों लिया गया इतना बड़ा उपक्रम?

अक्सर लोग पूछते हैं – “पंडित जी, एक बार सुंदरकांड पढ़ने से भी तो लाभ होता है। फिर इतनी बार क्यों?” मैं हमेशा कहता हूं – जैसे एक दीपक कमरे में थोड़ी रोशनी करता है, वैसे हजार दीपक मिलकर हर कोना उजाला कर देते हैं। इसी प्रकार 1000 सुंदरकांड पाठ का संकल्प इतना व्यापक और गहन ऊर्जा पैदा करता है, जिससे वर्षों से चली आ रही बाधाएं शांत हो जाती हैं।

यह अनुष्ठान किसी एक मनोकामना की पूर्ति नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज और हर श्रद्धावान के कल्याण के लिए समर्पित है।

🌿 अनुष्ठान की योजना और पवित्र प्रक्रिया

यह आयोजन अत्यंत विधिपूर्वक सम्पन्न किया जाएगा।
🌸 प्रतिदिन प्रातःकाल शुद्ध वातावरण में सुंदरकांड का पाठ।
🌸 दीपक, धूप, पुष्प, नैवेद्य और हवन सामग्री के साथ विशेष अनुष्ठान।
🌸 हर पाठ के समय दानदाताओं का नाम संकल्प में उच्चारित होगा।
🌸 प्रत्येक पाठ के उपरांत आशीर्वाद प्रार्थना।
🌸 अनुष्ठान पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र और महाप्रसाद वितरण।

यह कोई तात्कालिक आयोजन नहीं, बल्कि महीनों तक चलने वाला महायज्ञ है, जिसमें निरंतर साधना और सेवा समर्पित की जाएगी।

🌼 आपके सहयोग की आवश्यकता क्यों?

कई लोग सोचते हैं – “आप स्वयं इतने पाठ क्यों नहीं कर लेते?” मैं ससम्मान बताना चाहता हूं – यह आयोजन इतना विस्तृत और दीर्घकालीन है कि इसमें अनेक सामग्री और सहयोग की आवश्यकता होती है –

🌿 घी, हवन सामग्री, दीपक, पुष्प, वस्त्र।
🌿 नैवेद्य, भोग, अनुष्ठान स्थल की साज-सज्जा।
🌿 पंडितों का मानधन और आयोजन की व्यवस्था।
🌿 महाप्रसाद और प्रमाणपत्र वितरण।

यह सब खर्च अकेले के वश का नहीं है। यह तभी सफल होगा, जब हम सब इसे मिलकर संपन्न करें। यही कारण है कि मैं आपसे सहयोग की विनम्र अपील कर रहा हूं।

🌿 दान का महत्व – पुण्य संचित करने का अनुपम अवसर

शास्त्रों में कहा गया है – “दानेन वर्धते धर्मः” अर्थात दान से धर्म की वृद्धि होती है। आप यह न सोचें कि छोटा सहयोग कोई अर्थ नहीं रखता। एक बूंद से ही घट भरता है। यही छोटी-छोटी श्रद्धा की बूंदें मिलकर पुण्य का सागर बनाती हैं।

आपका दान किसी का घर रोशन कर सकता है, किसी की बाधा को खत्म कर सकता है, किसी बीमार व्यक्ति को संबल दे सकता है और आपके अपने जीवन में भी सुख-शांति का संचार कर सकता है।

🌸 दान कैसे करें?

आपका सहयोग करना अत्यंत सरल है –
👉 वेबसाइट पर जाएं: https://merikali.com/
👉 “Donation” सेक्शन खोलें।
👉 अपनी श्रद्धा अनुसार राशि और विवरण भरें।
👉 सुरक्षित भुगतान करें।

चाहे ₹51 दें या ₹5100 – राशि से अधिक आपकी भावना मायने रखती है।

🌼 दान से मिलने वाले पुण्य फल

✅ हर पाठ में आपका नाम उच्चारित किया जाएगा।
✅ आपकी मनोकामना का संकल्प लिया जाएगा।
✅ अनुष्ठान पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भेजा जाएगा।
✅ महाप्रसाद आपके घर भेजा जाएगा।

यदि आप चाहें, यह दान अपने माता-पिता, पूर्वजों या परिवार के नाम से भी कर सकते हैं।

🌿 विशेष कामना हो तो अवश्य बताएं

यदि आपकी कोई विशेष कामना हो –
🔹 संतान प्राप्ति।
🔹 विवाह में आ रही बाधा।
🔹 रोग से मुक्ति।
🔹 कर्ज मुक्ति।
🔹 व्यवसाय में सफलता।
तो कृपया दान करते समय उसका उल्लेख करें। मैं उसका विशेष संकल्प लेकर प्रार्थना करूंगा।

🌸 साक्षात अनुभव – एक सच्ची प्रेरक कथा

एक बहन ने गत वर्ष ₹151 का सहयोग किया। उनका बेटा लंबे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित था। अनुष्ठान के अंतिम सप्ताह में उनकी तबियत में अप्रत्याशित सुधार हुआ। आज वे भावुक होकर कहती हैं – “यह संकटमोचन की कृपा थी, जिसने हमारे घर का अंधेरा मिटा दिया।”

🌼 अंतिम निवेदन – इसे कल पर मत टालिए

कभी-कभी यह लेख पढ़ना भी महज संयोग नहीं होता। यह स्वयं संकटमोचन की प्रेरणा हो सकती है कि आप इस पुण्य अनुष्ठान में सहभागी बनें। यह अवसर बार-बार नहीं आता। कृपया इसे कल पर न टालें।

🌿 दान का लिंक – आज ही क्लिक करें

👉 https://merikali.com/

🌸 आपका योगदान – पुण्य का दीपक

हर पाठ एक दीपक बनेगा, हर दान एक आशीर्वाद बनेगा, हर मनोकामना संकटमोचन के चरणों तक पहुंचेगी। आज ही सहभागी बनें – क्योंकि पुण्य का अवसर सदा प्रतीक्षा नहीं करता।

🙏 जय श्रीराम | जय संकटमोचन | आपकी हर इच्छा पूर्ण हो।

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